Breaking News
सिवान में पत्रकार पर हमला: शादी से लौटते वक्त बाइक सवार बदमाशों ने फायरिंग कर किया गंभीर रूप से घायल
“होली पर बिहार आने वालों के लिए रेलवे ने चलाई स्पेशल ट्रेनें, यात्रियों के लिए तत्काल टिकट भी उपलब्ध
मुजफ्फरपुर में स्नातक छात्र पर बाइक सवार बदमाशों ने किया हमला, पेट में लगी गोली, पुलिस जांच में जुटी
बिहार बजट में महिला सशक्तिकरण का रोडमैप: गांव की इकाई से शहर के बाजार तक, ट्रेनिंग से सीधे रोजगार तक
मोदी सरकार में बिहार को रेलवे की नई ताकत:रेल बजट नौ गुना बढ़ा,हाईस्पीड कॉरिडोर से बदलेगी कनेक्टिविटी
बिहार में जमीन दस्तावेजों का डिजिटल युग:1908 से अब तक की रजिस्ट्री एक क्लिक पर,दफ्तरों के चक्कर खत्म
बजट 2026-27: ‘शी मार्ट’ से जीविका दीदियों को मिलेगा नया बाजार, बिहार बन सकता है महिला उद्यमिता का हब
कैथी लिपि के दस्तावेज अब नहीं बनेंगे सिरदर्द, सरकार ने तय किया रेट और उपलब्ध कराए प्रशिक्षित अनुवादक
समस्तीपुर जिले के अपर जिलाधिकारी बृजेश कुमार ने गणतंत्र दिवस पर जिलेवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
निष्ठा, सेवा और स्मृतियों से सजी विदाई: आचार्य विजयव्रत कंठ को भावभीनी सम्मान-समारोह में दी गई विदाई
समृद्धि यात्रा का सातवां पड़ाव: मुजफ्फरपुर को 850 करोड़ की विकास सौगात देंगे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
निजी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के दौरान देवानंद पासवान की मौत, डॉक्टर और स्टाफ फरार
- Reporter 12
- 13 Feb, 2026
दरभंगा। बहादूरपूर थाना क्षेत्र के सिरुआ गांव में एक निजी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के दौरान देवानंद पासवान नामक बच्चे की मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर और स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल का स्टाफ मौके से फरार हो गया। बच्चे का हर्निया ऑपरेशन चल रहा था, लेकिन परिजनों के अनुसार ऑपरेशन के दौरान उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों ने बार-बार दूसरे डॉक्टर से देखने की मांग की, लेकिन इलाज करने वाले ने ध्यान नहीं दिया और बच्चे की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बहादुरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीच भेज दिया गया। मृतक के पिता विशाल कुमार ने बताया कि गुरुवार दोपहर उन्होंने अपने बेटे को इलाज के लिए नर्सिंग होम में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी और इसके लिए पैसे जमा करने को कहा, जिसे उन्होंने जमा कर दिया। देर शाम ऑपरेशन शुरू हुआ, लेकिन बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती रही। बच्चे के कराहने की आवाज सुनने के बाद परिजन डॉक्टर से मदद मांगते रहे, लेकिन डॉक्टर केवल कहता रहा कि “थोड़ी देर में सब ठीक हो जाएगा।” हालात और बिगड़ने पर डॉक्टर ने उन्हें दूसरे डॉक्टर के पास ले जाने के लिए कहा, लेकिन तब तक देवानंद की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद अस्पताल का डॉक्टर और अन्य कर्मचारी फरार हो गए। मौके पर पहुंची सामाजिक कार्यकर्ता श्यामा भारती ने कहा कि फर्जी नर्सिंग होम गरीब और मजबूर लोगों का फायदा उठाकर मरीजों का दोहन करते हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से ऐसे संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि डॉक्टर की घोर लापरवाही के कारण हुई मौत की जांच कर दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। बहादुरपुर थानाध्यक्ष प्रसूनजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीच भेजा गया और परिजनों के आवेदन मिलने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यह भी स्पष्ट किया कि निजी स्वास्थ्य संस्थानों की निगरानी और जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और गरीब और मजबूर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग सतर्क रहें।
Leave a Reply
Your email address will not be published. Required fields are marked *







